कविता : वैसाखी

 .


 कविता : वैसाखी 

गुरु गोविंद जी ने की स्थापना,
बुलंद खालसा परचम लहराया,
लहराई तब फसल मानवता की,
दशमेश पिता ने जाति भेद मिटाया

दिन वैसाखी का, खालसे की जान है,
इस दिहाड़े में पंजाबियों की शान है
पंजाब की हुंकार से कंपता जहान है,
वीरों की इस भूमि को शत-शत प्रणाम है

Post a Comment

0 Comments